किसानों के वाहनों पर टोल विवाद को लेकर भाकियू देशहित सक्रिय, कई टोल प्लाजाओं पर सौंपा ज्ञापन
प्रकाशित: 28 जून 2026 को 2:17 pm बजे

सुशील शर्मा

हापुड़। प्रदेश में विभिन्न टोल प्लाजाओं पर किसानों के वाहनों से टोल वसूली को लेकर समय-समय पर होने वाले विवादों के बीच भारतीय किसान यूनियन देशहित ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए बड़ा कदम उठाया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने छिजारसी टोल, हाफिजपुर टोल, भोजपुर टोल, परतापुर टोल तथा दौराला टोल प्लाजा पहुंचकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा और किसानों के वाहनों के निर्बाध आवागमन की मांग की।

मंजीत चौधरी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजाओं पर अक्सर ऐसी शिकायतें सामने आती हैं कि किसानों के ट्रैक्टर, ट्रॉली और कृषि कार्य से जुड़े अन्य वाहनों को रोका जाता है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार इसी मुद्दे को लेकर किसान संगठनों और टोल कर्मियों के बीच विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और खेती-किसानी से जुड़े वाहनों को अनावश्यक रूप से रोकना या परेशान करना उचित नहीं है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने टोल प्रबंधन से मांग की कि कृषि कार्य से जुड़े और परिवार के लिए प्रयोग होने वाले किसानों के वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न डाली जाए तथा किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि यदि किसानों को टोल प्लाजाओं पर अनावश्यक रूप से रोका गया या उत्पीड़न किया गया तो किसान संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

इस दौरान टोल प्लाजा प्रबंधन ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और उनके साथ नियमों के अनुरूप सहयोगात्मक व्यवहार किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में किसानों और टोल प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।

भारतीय किसान यूनियन देशहित के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत चौधरी ने कहा, “किसान दिन-रात मेहनत करके देश का पेट भरने का काम करता है। खेतों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अन्य वाहनों को लेकर किसानों को टोल प्लाजाओं पर बार-बार रोकना और उनसे विवाद करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। हमारी मांग है कि किसानों के सम्मान और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। हम टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं रखते, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहते हैं।

इसी उद्देश्य से हमने विभिन्न टोल प्लाजाओं पर जाकर ज्ञापन सौंपा है। टोल प्रबंधन ने हमें भरोसा दिलाया है कि किसानों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में कहीं भी किसानों का उत्पीड़न हुआ तो भारतीय किसान यूनियन देशहित उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। किसान देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है और उसके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
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